अहमदाबाद: शहर में धार्मिक और हेरिटेज पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए साबरमती नदी के पूर्वी किनारे एक भव्य टेंपल टूरिज्म सर्किट विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है। अहमदाबाद नगर निगम (AMC) के हेरिटेज विभाग ने इसके लिए करीब ₹155.02 करोड़ का मास्टर प्लान तैयार किया है। परियोजना के तहत लगभग 2 किलोमीटर के क्षेत्र में मौजूद करीब 35 प्राचीन मंदिरों का संरक्षण, जीर्णोद्धार और आसपास के क्षेत्रों का विकास किया जाएगा।
🛕 सप्तऋषि घाट से अटल घाट तक बनेगा सर्किट
प्रस्तावित मंदिर सर्किट में सप्तऋषि आरा/घाट से जगन्नाथजी मंदिर होते हुए अटल घाट और भद्र-वसंत चौक तक का क्षेत्र शामिल है। इसका उद्देश्य पुराने मंदिरों को संरक्षित करने के साथ उन्हें बेहतर सार्वजनिक सुविधाओं और पर्यटन स्थलों से जोड़ना है।
💰 पहले चरण में ₹13.98 करोड़ का काम
इस बड़े मास्टर प्लान के तहत पहला महत्वपूर्ण काम करीब ₹13.98 करोड़ की लागत से शुरू किया जाएगा। गुजरात के पवित्र यात्राधाम विकास बोर्ड से परियोजना के लिए ₹15 करोड़ की ग्रांट मिली है।
AMC की स्थायी समिति ने करीब ₹13.98 करोड़ के काम को Savani Heritage Conservation Pvt. Ltd. को देने का प्रस्ताव मंजूर किया है। कंपनी की बोली अनुमानित लागत से करीब 5.5 प्रतिशत कम बताई गई है।
🛕 किन मंदिरों का होगा विकास?
परियोजना में करीब 35 छोटे-बड़े ऐतिहासिक मंदिर शामिल हैं। इनमें प्रमुख रूप से—
- माणेक बुर्ज के पास महालक्ष्मी मंदिर
- रामबारी के आसपास के मंदिर
- वसंत चौक का गणपति मंदिर
- मारुति मंदिर
- कृष्ण मंदिर
- तथा क्षेत्र के अन्य प्राचीन मंदिर
इन मंदिरों के जीर्णोद्धार के साथ आसपास श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
🏗️ तीन जोन में होगा पूरा विकास
जोन-1:
तिलकबाग के पीछे हेरिटेज इंटरप्रिटेशन सेंटर, मल्टीलेवल पार्किंग और फूड प्लाजा प्रस्तावित है। इसके अलावा रामबारी के पास मंदिर चौक विकसित कर आसपास के प्राचीन मंदिरों का जीर्णोद्धार किया जाएगा।
जोन-2:
इस क्षेत्र में जगन्नाथजी मंदिर और सोमनाथ भुदरना आरा के आसपास विकास कार्य किए जाएंगे।
जोन-3:
सप्तऋषि आरा के पास मंदिरों का जीर्णोद्धार, सप्तऋषियों की प्रतिमाओं और नए चौक का विकास प्रस्तावित है। सरकारी जमीन पर मौजूद झुग्गी क्षेत्र के पुनर्वास के लिए EWS आवास योजना भी शामिल है।
🚗 पर्यटन के साथ बढ़ेंगी सुविधाएं
इस परियोजना का लक्ष्य केवल मंदिरों का सौंदर्यीकरण करना नहीं है। मंदिरों को एक व्यवस्थित धार्मिक एवं हेरिटेज पर्यटन मार्ग के रूप में विकसित करने के साथ पार्किंग, फूड प्लाजा, हेरिटेज सेंटर, मंदिर चौक और सार्वजनिक स्थानों को भी बेहतर बनाया जाएगा।
परियोजना पूरी होने के बाद साबरमती का पूर्वी किनारा अहमदाबाद आने वाले श्रद्धालुओं और देश-विदेश के पर्यटकों के लिए एक नए धार्मिक एवं सांस्कृतिक आकर्षण के रूप में विकसित होने की उम्मीद है।
📌 एक नजर में
कुल मास्टर प्लान: ₹155.02 करोड़
पहले चरण का काम: करीब ₹13.98 करोड़
पवित्र यात्राधाम विकास बोर्ड की ग्रांट: ₹15 करोड़
प्राचीन मंदिर: करीब 35
विकसित क्षेत्र: करीब 2 किलोमीटर
मुख्य मार्ग: सप्तऋषि आरा/घाट – जगन्नाथजी मंदिर – अटल घाट
मुख्य उद्देश्य: मंदिर संरक्षण, धार्मिक पर्यटन और हेरिटेज विकास
अहमदाबाद में यह परियोजना शहर की धार्मिक विरासत को संरक्षित करने के साथ पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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