12 वर्षों में पहली बार जनविरोध के बीच मंत्री ने छोड़ा पद
2014 में केंद्र में पहली बार नरेंद्र मोदी सरकार बनने के बाद बीते 12 वर्षों में ऐसा पहली बार बताया जा रहा है कि किसी केंद्रीय मंत्री ने व्यापक विरोध-प्रदर्शन के बीच अपना पद छोड़ा। इससे पहले 2018 में तत्कालीन विदेश राज्य मंत्री एम.जे. अकबर ने अपने ऊपर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों और ‘मी टू’ अभियान के दौरान इस्तीफा दिया था।
अभिजीत दीपके बोले— हमारी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दीपके ने कहा कि मंत्री के पद छोड़ने के बाद भी आंदोलन जारी रहेगा, क्योंकि उनकी अन्य मांगें अभी पूरी नहीं हुई हैं। उन्होंने मृत छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा, संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग दोहराई।
उन्होंने कहा कि, “हमने एक मंत्री का इस्तीफा दिलाया है, अब बाकी मांगें भी पूरी कराकर ही यहां से जाएंगे। यह लोकतंत्र की जीत है और आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक न्याय नहीं मिलता है!












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